बाड़मेर : राजकीय महाविद्यालय बाड़मेर में विज्ञान संकाय के तत्वाधान में नेचर फ्रेंड के द्वारा विश्व ओजोन दिवस मनाया गया। इस उपलक्ष में ओजोन परत का सरंक्षण कैसे हो इस पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। नेचर फ्रेंड मोती गोदारा बीएससी द्वितीय वर्ष ने ओजोन लेयर के सरंक्षण के उपायों और नुकसान के कारणों के बारे में बताया । मुख्य वक्ता के रूप में दीपक कुमार शर्मा , सहायक आचार्य प्राणिशास्त्र ने ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाली मानवजनित गतिविधियों के बारे में बताया । साथ ही ओजोन परत की जैव विविधता के लिए उपयोगिता को विस्तार से समझाया। मुख्य वक्ता मुकेश जैन, सहायक आचार्य संस्कृत ने बताया की ओजोन शब्द यूनानी शब्द से बना है जिसका अर्थ होता है तीव्र गंध वाली गैस । उन्होंने कहा की पंच तत्वों के विरुद्ध जाकर क्रियाएं करोगे तो प्रकृति बदला लेगी। उन्होंने प्रकृति के सरंक्षण में वेदों, उपनिषदों के संदेश को समझाया । दिलीप परमार ने ओजोन के निर्माण और इसके विघटन की रासायनिक प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया । डॉ. खगेन्द्र कुमार ने विद्यार्थियों को ओजोन और पर्यावरण सरंक्षण के उपायों को अपने दैनिक जीवन में लाने की सलाह दी । गोष्ठी में प्रोफेसर हेमलता ओझा, डॉ. सीपी घारू गोष्ठी आयोजन कमेटी के संयोजक, दिलीप परमार, शीशराम, गणेश कुमार चौधरी, मुकेश जैन, विमला पोस्टर प्रतियोगिता आयोजन कमेटी के संयोजक और डॉ. खगेन्द्र कुमार साथ ही विज्ञान संकाय के समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन विज्ञान संकाय अधिष्ठाता हेमलता ओझा ने किया । गोष्ठी का सफल संचालन कानाराम गोदारा ने किया। गोष्ठी के उपरांत पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें निर्णायक की भूमिका दिलीप कुमार, गणेश कुमार चौधरी और डॉ. खगेन्द्र कुमार ने निभाई । प्रतियोगिता में प्रथम तरुण और सुरेन्द्र गढवीर बीएससी सेकंड ईयर, द्वितीय दिव्या और प्रियंका नेहरा बीएससी सेकंड ईयर और तृतीय स्थान पर उर्मिला, सीमा, सुनीता और समता बीएससी सेकंड ईयर रहे ।